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Tuesday, 26 February 2013

नहीं हिन्दु में ताब, पटे ना मोदी सौदा-

सौदायिक बिन व्याहता, करने चली सिंगार |
गहने पहने मांग कर, लेती कई उधार |

(भाजपा की ओर इशारा)


 लेती कई उधार, खफा पटना पटनायक | 
 खानम खाए खार, करे खारिज खलनायक |
(जदयू, बीजद , मुस्लिम) 

हौदा हाथी रहित, साइकिल बिना घरौंदा |
 नहीं हिन्दु में ताब, पटे ना मोदी सौदा ||

(माया-मुलायम)
सौदायिक= स्त्री-धन नइखे= नहीं 

9 comments:

  1. बहुत सुन्दर व्यंग रविकर जी
    new postक्षणिकाएँ

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  2. सुंदरतम आदरणीय.

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  3. बहुत बढ़िया ..

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  4. बहुत उम्दा ..भाव पूर्ण रचना .. बहुत खूब अच्छी रचना इस के लिए आपको बहुत - बहुत बधाई
    मेरी नई रचना
    ये कैसी मोहब्बत है
    खुशबू

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